मॉस्को: 11 मार्च (ए)
बयान में कहा गया, “उन्होंने स्थिति को शांत करने और सभी पक्षों के वैध हितों के संतुलन पर आधारित स्थायी समाधान प्राप्त करने की परिस्थितियों के निर्माण में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) और ब्रिक्स की भूमिका का समर्थन करने पर भी जोर दिया।”
एससीओ के सदस्य ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमले के 12 दिन हो चुके हैं, जिनमें इस हमले के पहले दिन 28 फरवरी को उसके सर्वोच्च नेता सैयद अली खामेनेई और कई शीर्ष कमांडर मारे गये थे।
तेहरान द्वारा खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर की गई जवाबी हमलों ने उन देशों की सिविल और ऊर्जा अवसंरचना को गंभीर नुकसान पहुंचाया, जिन्हें नयी दिल्ली और मॉस्को दोनों ने रणनीतिक साझेदार माना है।
रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, लावरोव और जयशंकर ने द्विपक्षीय एजेंडे के कुछ पहलुओं पर भी चर्चा की, हालांकि मंत्रालय ने इसके विवरण नहीं दिए।