नयी दिल्ली: 23 सितंबर (ए) जब ज्ञानेश कुमार ने फरवरी 2025 में भारत के 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पद संभाला था, तब उनके करियर के विवरण में संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने और राम मंदिर न्यास की स्थापना से जुड़ी उनकी भूमिका का प्रमुखता से उल्लेख किया गया था।
लेकिन 19 महीने बाद, निर्वाचन आयोग में उनके सामने शायद अब तक की सबसे बड़ी चुनौती है तथा मतदाता सूचियों के विवादास्पद विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान लिए गए फैसलों को लेकर दोनों साथी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्तियां सामने आई हैं।
