देशभर में पारंपरिक उल्लास के साथ मनाई गई होली

राष्ट्रीय
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नयी दिल्ली: चार मार्च (ए)) समूचे देश में बुधवार को रंगों का पर्व होली पारंपरिक उल्लास के साथ मनाई गई। इस दौरान लोगों ने संगीत के बीच एक दूसरे को रंग लगाकर एवं मिठाई खिलाकर बुराई पर अच्छाई की जीत के इस त्योहार की शुभकामनाएं दीं।मथुरा-वृंदावन के मंदिरों की रस्मों और राजस्थान की जीवंत ‘धुलंडी’ से लेकर राष्ट्रीय राजधानी में आम आदमी पार्टी (आप) की ‘कट्टर ईमानदार होली’ तक, शहरों और गांवों में श्रद्धालु और स्थानीय लोग उत्सव के रंग में रंगे नजर आए।

देशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि होली का त्योहार पूरे माहौल में नयी ऊर्जा भर देता है, यही इस उत्सव की बड़ी विशेषता है।

उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “सभी देशवासियों को होली की अनंत शुभकामनाएं। रंग और उमंग से भरा यह त्योहार सबके लिए खुशियों की बहार लेकर आए। हर किसी के जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता के रंगों की बौछार हो, यही कामना है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा, “होली का त्योहार पूरे माहौल में नई ऊर्जा भर देता है। यही इस उत्सव की बड़ी विशेषता है। हर तरफ जिस प्रकार खुशियों के रंग बिखरे नजर आते हैं, वो हर किसी को उल्लास और आनंद से सराबोर कर जाता है।”

उत्तर प्रदेश के तीर्थ नगर मथुरा में उत्सव का विशेष रंग देखने को मिला, जहां स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने पारंपरिक श्रद्धा के साथ होली मनाई। बांके बिहारी मंदिर के बाहर भारी उत्साह के साथ होली खेली गई। हालांकि गर्भगृह के भीतर ऐसा नहीं हुआ।

जिले के बछगांव में 150 साल पुरानी ‘चप्पल होली’ की परंपरा निभाई गई, जिसमें परिवार के बुजुर्ग प्रतीकात्मक रूप से छोटों को चप्पलों से मारते हैं। यह परंपरा ब्रिटिश काल के अत्याचारों के विरोध के रूप में शुरू हुई थी।

इसी तरह की एक परंपरा उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में भी देखने को मिली, जहां ‘लाट साहब’ का जुलूस निकाला गया। इस दौरान लोग नारे लगाते हुए प्रतीकात्मक रूप से ‘लाट साहब’ पर जूते बरसा रहे थे। सदियों पुरानी इस परंपरा में औपनिवेशिक काल के अधिकारी (लाट साहब) के रूप में एक व्यक्ति को बैलगाड़ी पर बिठाकर शहर में घुमाया जाता है।

दिल्ली में, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी (‘आप’) के नेताओं ने मनीष सिसोदिया के आवास पर ‘कट्टर ईमानदार होली’ मनाई।

आबकारी नीति मामले में दिल्ली की एक अदालत द्वारा केजरीवाल, सिसोदिया और 21 अन्य को क्लीन चिट दिए जाने के कुछ दिनों बाद सिसोदिया ने कहा, ‘आज हवा में भ्रष्टाचार के नहीं, बल्कि कट्टर ईमानदारी के रंग उड़ेंगे। यह होली ‘आप’ के लिए बेहद खास है।’

अकबर रोड स्थित कांग्रेस कार्यालय में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ होली मनाई। उन्होंने कार्यकर्ताओं को रंग लगाया और बदले में खुद भी गुलाल से सराबोर हुए।

गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘रंगों और प्रेम के उत्सव होली की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। होली के ये रंग आपके जीवन में नई उम्मीदें, नया उत्साह और अनगिनत खुशियां लेकर आएं।’

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बधाई देते हुए कहा, ‘दूरियों को पाटने वाले इस सुखद अवसर पर मैं आप सभी को होली की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आपका जीवन हमेशा खुशियों के रंगों से भरा रहे।’

जम्मू में भी होली शानदार तरीके से मनाई गई जहां भारत-पाकिस्तान सीमा पर सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने उत्सव में हिस्सा लिया।

मुख्य आयोजन जम्मू शहर में हुए, जहां विभिन्न समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी और पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया।

नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सेना और बीएसएफ के जवानों ने सीमावर्ती निवासियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ होली मनाई।

राजस्थान में ‘धुलंडी’ (मुख्य होली) पूरे उत्साह के साथ मनाई गई। जयपुर में मुख्यमंत्री आवास पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया, जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देश विदेश के पर्यटकों और पूर्व राज परिवारों के सदस्यों के साथ होली खेली। अजमेर के पुष्कर में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों ने अंतरराष्ट्रीय होली महोत्सव में भाग लिया।

पंजाब, हरियाणा और उनकी साझा राजधानी चंडीगढ़ में भी लोगों ने पारंपरिक उत्साह के साथ एक-दूसरे को गुलाल लगाया। पंजाब के आनंदपुर साहिब में सिख समुदाय के ‘होला मोहल्ला’ उत्सव के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां लोगों ने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में मत्था टेका।

पश्चिम बंगाल में ‘डोलजात्रा’ के अगले दिन बुधवार को भी उत्सव जारी रहा। कोलकाता के बड़ाबाजार, चितपुर और भवानीपुर जैसे उत्तर भारतीय बहुल इलाकों में भारी चहल-पहल रही।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ‘एक्स’ पर त्योहार की मुबारकबाद देते हुए लिखा, ‘होली मुबारक! यह जीवंत त्योहार हर घर को खुशी और रंगों से भर दे।’

तेलंगाना और ओडिशा में भी होली के साथ मनाई गई। झारखंड में लोग पारंपरिक गीतों की धुन पर थिरकते और एक-दूसरे को गुलाल लगाते नजर आए। हैदराबाद में रिहायशी सोसाइटियों में बच्चों और युवाओं ने जमकर होली खेली, जबकि उत्तर भारतीय समुदायों ने ‘होलिका दहन’ के साथ उत्सव की शुरुआत की।

ओड़िशा के पूरी में विदेशी पर्यटकों के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे।