पटाखा फैक्टरी में विस्फोट ,20 लोगों की मौत, छह घायल

राष्ट्रीय
Spread the love

वेटलापलेम (आंध्र प्रदेश): 28 फरवरी (ए) आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में शनिवार को एक पटाखा निर्माण इकाई में हुए विस्फोट में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गयी और छह गंभीर रूप से घायल हो गए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।

काकीनाडा के पुलिस अधीक्षक जी. बिंदू माधव ने ‘ बताया, ‘‘हमारे पास जानकारी है कि इस घटना में 20 लोग मारे गए हैं।’’राज्य की गृह मंत्री वंगालापुडी अनीता ने ‘समाचार एजेंसी को बताया कि पटाखा निर्माण इकाई में हुए विस्फोट में छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

अनीता ने कहा कि वह विस्फोट स्थल जा रही हैं।

पर्यटन मंत्री के. दुर्गेश ने कहा कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के भी दुर्घटनास्थल का दौरा करने की संभावना है।

उन्होंने पत्रकारों को बताया, ‘‘यह राज्य का सबसे बड़ा विस्फोट है। पूरी जानकारी अभी नहीं मिली है। किसी के भी बचने की कोई संभावना नहीं है। कुछ लोगों का इलाज चल रहा है।’’

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि समरलाकोटा मंडल के वेटलापलेम गांव में हुए विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शव पास के धान के खेतों में जा गिरे।

काकीनाडा सरकारी जनरल अस्पताल के अधीक्षक ने बताया था कि अस्पताल में 90 से 100 प्रतिशत तक झुलसे हुए सात मरीज भर्ती हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनका इलाज चल रहा है।

एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने ‘सूर्या फायरवर्क्स’ में पटाखा निर्माण श्रमिकों की मौत पर दुख व्यक्त किया है।

नायडू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘काकीनाडा जिले के वेटलापलेम गांव में पटाखा निर्माण इकाई में विस्फोट की घटना में कई लोगों की मौत बेहद दुखद है।’

हरे-भरे धान के खेतों के बीच भयावह दृश्य देखने को मिले, जहां स्थानीय लोग उर्वरक की बोरियों से बनी चादरों ‘बराकालु’ में शवों को ले जाते हुए नजर आए।

विस्फोट स्थल से आग और धुआं निकल रहा था और घायलों को बचाने के लिए एक एम्बुलेंस तुरंत मौके पर पहुंची।

नायडू ने कहा कि उन्होंने दुर्घटना के संबंध में अधिकारियों से बात की और उन्हें पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘हम बचाव प्रयासों पर नजर रख रहे हैं और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए आगे आएंगे।’’

जिस समय विस्फोट हुआ, उस समय पटाखा बनाने वाली इकाई में लगभग 20 लोग काम कर रहे थे।

नायडू ने वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों को दुर्घटनास्थल का दौरा करने का निर्देश दिया।

पुलिस आसपास के खेतों में बिखरे शरीर के अंगों का पता लगाने के लिए ड्रोन की मदद ले रही है।