कोलकाता: 30 दिसंबर (ए
पुलिस ने बताया कि बुजुर्ग को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में जारी एसआईआर की सुनवाई के लिए पेश होना था।
मृतक के बेटे कनाई ने कहा कि उनके 82 वर्षीय पिता दुर्जन मांझी एसआईआर की सुनवाई का नोटिस मिलने के बाद से ही चिंतित थे, क्योंकि उनका नाम मसौदा मतदाता सूची में नहीं था।
पुलिस ने बताया कि मांझी की सोमवार को ट्रेन से कटकर मौत हो गई। उन्हें पारा के प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के कार्यालय में सुनवाई के लिए पेश होने को कहा गया था।
दिहाड़ी मजदूर कनाई ने कहा, ‘‘मेरे पिता ने एसआईआर गणना प्रपत्र जमा कर दिया था, लेकिन उनका नाम मसौदा मतदाता सूची में नहीं था। उनका नाम 2002 की मतदाता सूची में था।’’
उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उनके पिता को सुनवाई के लिए क्यों बुलाया गया। उन्होंने दावा किया कि 25 दिसंबर को सुनवाई का नोटिस मिलने के बाद से ही वे चिंतित थे।
संयोगवश, निर्वाचन आयोग ने सोमवार को एक आदेश जारी किया जिसमें कहा गया है कि 85 वर्ष और उससे अधिक उम्र के मतदाताओं के साथ ही बीमार या दिव्यांग व्यक्तियों को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए तब तक नहीं बुलाया जा सकता जब तक कि कोई विशेष अनुरोध खुद उनके द्वारा या उनकी ओर से न किया जाए।