लखनऊ: 24 जनवरी (ए)
उन्होंने निर्वाचन आयोग पर निष्पक्षता सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप भी लगाया।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कहा, “यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण मामला है। इससे जुड़ी खबरें लगातार सामने आ रही हैं।” यादव ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जब निर्वाचन आयोग ने चार नवंबर 2025 को पुनरीक्षण की घोषणा की थी, तब उसने यह वादा किया था कि ‘मतदाताओं की सूची में कोई कमी नहीं रहेगी’ और यह आश्वासन भी दिया था कि इस प्रक्रिया से मतदाता सूची ‘शुद्ध व समावेशी’ बनेगी।
सपा अध्यक्ष ने कहा, “निर्वाचन आयोग ने कहा था कि मानचित्रण और प्रौद्योगिकी की मदद से मतदाताओं की सूची को पूरी तरह से सटीक बनाया जाएगा और कोई भी मतदाता बाहर नहीं रहेगा। हालांकि हम कई अनिमितताएं होती देख रहे हैं।”
उन्होंने अपनी लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले कन्नौज सदर विधानसभा क्षेत्र में मिलीं विसंगतियों का उदाहरण देते हुए कहा, “अगर एक विधानसभा क्षेत्र में यह स्थिति है, तो पूरे राज्य में क्या हो रहा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।”
यादव ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने सरकार के साथ मिलकर काम किया और कहा कि संवैधानिक संस्था निर्वाचन आयोग अब निष्पक्षता से काम नहीं कर रही है।