
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने अमेरिका से प्रत्यर्पण के उपरांत गिरफ्तार किये गये अनमोल को शाम करीब पांच बजे पटियाला हाउस अदालत में पेश किया।संघीय एजेंसी ने अनमोल को विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा के समक्ष पेश करने के बाद उसे 15 दिन की हिरासत में भेजने का अनुरोध किया। अदालत ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के आरोपी एवं गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को बुधवार को 11 दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया । इस दौरान अदालत परिसर और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मीडियाकर्मियों को अदालती कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति नहीं थी।
राकांपा के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या, अप्रैल 2024 में बॉलीवुड स्टार सलमान खान के घर पर गोलीबारी, पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या समेत कई अन्य अपराधों में वांछित अनमोल को मंगलवार को अमेरिका से प्रत्यर्पित किया गया। उसे पिछले साल नवंबर में अमेरिका में हिरासत में लिया गया था।
वर्ष 2022 से फरार अनमोल अमेरिका में रह रहा था और जेल में बंद अपने भाई लॉरेंस बिश्नोई के नेतृत्व वाले आतंकी-सिंडिकेट में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार होने वाला 19वां आरोपी है।
एनआईए ने एक बयान में कहा, ‘‘अनमोल के खिलाफ एनआईए ने मार्च 2023 में उस वक्त आरोप-पत्र दाखिल किया था, जब मामले की जांच में यह बात सामने आई थी कि उसने 2020-2023 की अवधि के दौरान देश में विभिन्न आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने में घोषित आतंकवादी गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई की सक्रिय रूप से सहायता की थी।
अनमोल बिश्नोई को अप्रैल 2024 में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के आवास पर गोलीबारी और पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामलों में भी वांछित किया गया ।
सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने पिछले साल नवंबर में उसे हिरासत में लिया था और मंगलवार को उसे देश से “निर्वासित” कर दिया गया।
बाबा सिद्दीकी की हत्या 12 अक्टूबर 2024 की रात मुंबई के बांद्रा इलाके में उनके बेटे जीशान के कार्यालय के सामने हुई थी। इस घटना में राकांपा नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, इस हत्या में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े कम से कम 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मुंबई पुलिस ने इस हत्या के सिलसिले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत सख्त प्रावधान लागू किए हैं। इस मामले में अनमोल बिश्नोई, शुभम लोनकर और जिशान मोहम्मद अख्तर को वांछित आरोपी घोषित किया गया था।
एनआईए और स्थानीय पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है, और अदालत में पेशी के बाद अनमोल बिश्नोई पर कानूनी कार्रवाई तेज होने की संभावना है। इससे यह साफ हो गया है कि केंद्रीय और राज्य एजेंसियां संगठित अपराध और हत्याओं में शामिल गिरोहों पर कड़ी निगरानी रख रही हैं