लखनऊ: 22 फरवरी (ए)
उन्होंने मूलभूत ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए दावा किया कि खराब गुणवत्ता की वजह से पानी की टंकियां फट रही हैं और जमीन पर भ्रष्टाचार दिख रहा है। यादव ने कहा, ”जैसे-जैसे लोगों की पीड़ा बढ़ेगी, हमारा पीडीए (पिछड़ा दलित और अल्पसंख्यक) आंदोलन बढ़ेगा।” उन्होंने कहा कि सपा लोकतंत्र और समाज के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने की रक्षा के लिए लोगों को एकजुट करने की कोशिशें जारी रखेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रस्तावित जापान यात्रा पर निशाना साधते हुए यादव ने कहा, ”मैंने सुना है कि मुख्यमंत्री जापान जा रहे हैं लेकिन क्योटो नहीं जा रहे हैं? उन्हें वहां जाकर देखना चाहिए कि यहां क्या किया जाना था और पिछले 10 सालों में क्या नहीं कर पाए।” भाजपा ने वर्ष 2014 में सत्ता में आने के बाद वाराणसी को क्योटो जैसा शहर बनाने की घोषणा की थी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र की बड़ी परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रस्तावित बुलेट ट्रेन की लागत शुरुआती अनुमान से बहुत ज़्यादा बढ़ गई है। यादव ने भाजपा पर सोशल मीडिया पर ‘फेक वीडियो’ प्रसारित कर नफरत फैलाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनावी फायदे के लिए पहले भी सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिशें की गई हैं।
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं की सुरक्षा उन्हें ‘हतोत्साहित और बेइज्जत’ करने की राजनीतिक साजिश के तहत वापस ली जा रही है। यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ शनिवार को मुकदमा दर्ज किए जाने को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को माघ मेले में पवित्र डुबकी लगाने से रोका गया।
उन्होंने कहा कि देश की आध्यात्मिक परंपराओं में ऐसी हरकतें पहले कभी नहीं हुई हैं। प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ पिछले महीने माघ मेले के दौरान एक नाबालिग समेत दो लोगों के यौन शोषण के आरोपों में शनिवार को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
सपा प्रमुख ने प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जिक्र करते हुए कहा कि ‘इनोवेशन और स्टार्टअप्स’ के नारे लगाने के बजाय लोगों की असली समस्याओं का समाधान करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने मौजूदा सरकार पर सपा सरकार के कार्यकाल के दौरान शुरू की गई औद्योगिक नीति की नए सिरे से केवल ‘ब्रांडिंग’करने का आरोप लगाया।
यादव ने दावा किया कि जमीन पर नए निवेश की परियोजनाएं कहीं नजर नहीं आ रही हैं। सपा प्रमुख ने सरकार पर पर्यावरण की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि औद्योगिक अपशिष्ट और जलमल गोमती जैसी नदियों में बहाने की वजह से वे दूषित हो रही हैं।