नयी दिल्ली: 13 मार्च (ए)
ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन बिल सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने पेश किया।इसमें कहा गया है कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की सही और पक्की पहचान और सुरक्षा के लिए एक सटीक परिभाषा देना बहुत ज़रूरी है, ताकि मौजूदा कानून के फायदे उन तक पहुंच सकें.
मौजूदा कानून के तहत दी जाने वाली सुरक्षा और फायदे बहुत व्यापक हैं, इसलिए इस बात का ध्यान रखना होगा कि “ऐसी पहचान किसी भी हासिल की जा सकने वाली विशेषता, निजी पसंद, या किसी व्यक्ति की खुद की सोची हुई पहचान के आधार पर नहीं दी जा सकती.”
इस बिल में “एक अथॉरिटी बनाने” का भी प्रावधान है, जिसके पास ज़रूरत पड़ने पर “विशेषज्ञों की राय” लेने का विकल्प होगा.
इस कानून के मसौदे का मकसद ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सरकारी दस्तावेज़ों में ज़रूरी बदलाव करने का अधिकार देना भी है.