नयी दिल्ली: 11 फरवरी (ए)
अधिकारियों ने बताया कि कक्षा 10वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन वर्ष 2026 में भी पहले की तरह ‘फिजिकल मोड’ में ही किया जाएगा।सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा, “कार्यक्षमता और पारदर्शिता बढ़ाने के निरंतर प्रयासों के तहत बोर्ड ने 2026 की परीक्षाओं से कक्षा 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। कक्षा 10वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 2026 में पूर्ववत भौतिक रूप से ही किया जाएगा।”
उन्होंने बताया कि इस कदम से समन्वय बेहतर होगा और अंकों के जोड़-घटाव में होने वाली त्रुटियां समाप्त होंगी।
भारद्वाज ने कहा, “डिजिटल मूल्यांकन न केवल पर्यावरण के अनुकूल है बल्कि इससे मूल्यांकन प्रक्रिया तेज होगी और अधिक शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी। शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में रहकर नियमित कार्य करते हुए मूल्यांकन कर सकेंगे।”
उन्होंने कहा कि परिणाम घोषित होने के बाद अंकों के सत्यापन की आवश्यकता नहीं रहेगी तथा सत्यापन के लिए अतिरिक्त जनशक्ति की जरूरत भी कम होगी। इससे देश-विदेश में संबद्ध सभी स्कूलों के शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सकेगी।
बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि मूल्यांकन कार्य के लिए निर्धारित तकनीकी विनिर्देशों वाले कंप्यूटर लैब, विश्वसनीय इंटरनेट कनेक्शन और निर्बाध विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा, “विद्यालयों को कक्षा 10वीं और 12वीं में पढ़ाने वाले शिक्षकों का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अद्यतन करने को कहा गया है। बोर्ड के निर्देशों का पालन न करने को मूल्यांकन प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास माना जाएगा और ऐसे स्कूलों के परिणाम घोषित नहीं किए जाएंगे।”सीबीएसई हर वर्ष भारत समेत 26 देशों में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करता है, जिनमें लगभग 46 लाख विद्यार्थी शामिल होते हैं।