नयी दिल्ली: 15 नवंबर (ए)
स्वयंभू धर्मगुरु कई महिलाओं से छेड़छाड़ के आरोपों में न्यायिक हिरासत में है। वह प्रबंध संस्थान का पूर्व अध्यक्ष भी है।उसने इस बात का दावा दिल्ली की एक अदालत में उस वक्त किया, जब शुक्रवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत पूरी होने पर उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिमेष कुमार के समक्ष पेश किया गया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने जेल अधिकारियों से विस्तृत स्थिति रिपोर्ट मांगते हुए, मामले में आगे की सुनवाई 18 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी।
कार्यवाही के दौरान चैतन्यानंद ने इस बात की शिकायत भी की कि जेल अधिकारियों से बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उसे साधु के वस्त्र पहनने की अनुमति नहीं दी गई, न ही उसे साधुओं वाला बिना लहसुन-प्याज का खाना दिया जा रहा है। चैतन्यानंद श्रीशारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च का पूर्व प्रबंधक है, और कई महिलाओं से छेड़छाड़ के आरोपों में न्यायिक हिरासत में हैं।
इससे पहले, 7 नवंबर को चैतन्यानंद ने एक सत्र अदालत से अपनी जमानत याचिका वापस ले ली थी। उनके वकील ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दीप्ति देवेश को बताया कि याचिका वापस ली जा रही है क्योंकि आरोपपत्र दाखिल होने के बाद आरोपों की जांच की जानी है। अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए दिल्ली पुलिस ने मामले के गवाहों से पूछताछ की स्थिति रिपोर्ट पेश की।
अपनी जमानत याचिका में चैत्यानंद ने दावा किया था कि उसके खिलाफ दर्ज मामला शिक्षित शिकायतकर्ताओं द्वारा की गई शिकायत पर आधारित है क्योंकि उन्होंने (चैतन्यानंद ने) संस्थान में कड़ा अनुशासन वातावरण लागू किया था। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने 27 अक्टूबर को सत्र न्यायालय को सूचित किया था कि उसने मामले की 16 पीड़ितों में से नौ से पूछताछ की है।
13 अक्टूबर को, सत्र न्यायालय ने कहा था कि पीड़ितों की संख्या को देखते हुए अपराध की गंभीरता कई गुना बढ़ जाती है। इस मामले में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, चैतन्यानंद कथित तौर पर छात्राओं को देर रात अपने क्वार्टर में आने के लिए मजबूर करता था और उन्हें बेवक्त मोबाइल पर अनुचित मैसेज भेजता था। साथ ही उस पर अपने फोन के जरिए छात्राओं की गतिविधियों पर नजर रखने का भी आरोप है।62 वर्षीय चैतन्यानंद सरस्वती को 27 सितंबर को आगरा से गिरफ्तार कर दिल्ली लाया गया था। अदालत ने 28 सितंबर को उसे पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था, जिसके बाद तीन अक्टूबर को उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं। दिल्ली पुलिस ने उससे उस मामले में पूछताछ की थी, जिसमें वसंत कुंज स्थित एक शैक्षणिक संस्थान में 17 छात्राओं के साथ छेड़छाड़ का आरोप है।