नयी दिल्ली: 27 जनवरी (ए)
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने प्रधान न्यायाधीश द्वारा सभी उच्च न्यायालयों को भेजे गए एक पत्र का उल्लेख किया, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया था कि न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ शिकायतों पर तब तक विचार नहीं किया जाना चाहिए जब तक कि उनके साथ हलफनामा न हो।
