नयी दिल्ली: 25 मार्च (ए)
सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय के संपदा विभाग ने 24 अकबर रोड और 5 रायसीना रोड स्थित कार्यालयों को 28 मार्च तक खाली करने का नोटिस दिया है।
कांग्रेस का मुख्यालय 1978 से 24 अकबर रोड पर था, लेकिन अब यह 9ए कोटला मार्ग स्थानांरित हो चुका है। पार्टी अकबर रोड स्थित अपने पुराने मुख्यालय का इस्तेमाल एक कार्यालय के रूप में कर रही है।
कांग्रेस के दो अग्रिम संगठनों भारतीय युवा कांग्रेस और एनएसयूआई का मुख्यालय ‘5 रायसीना रोड’ पर है।
सूत्रों ने बताया कि नोटिस कुछ दिन पहले ही भेजा गया और इसमें पार्टी को एक सप्ताह का समय भी नहीं दिया गया।
पार्टी के सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस ने अभी तक इस मुद्दे पर अपनी रणनीति नहीं बनाई है और अचानक मिले नोटिस के मद्देनजर वह अदालत का दरवाजा भी खटखटाने पर विचार कर रही है।
कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा, लेकिन पार्टी सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि सरकार को नियम सभी पर समान रूप से लागू करना चाहिए।
अकबर रोड का यह बंगला पिछले 48 वर्षों तक कांग्रेस का मुख्यालय रहा है। हालांकि, पार्टी ने पिछले साल विपक्षी कोटला मार्ग पर नया मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ खोला, लेकिन अब भी अकबर रोड परिसर से पार्टी की कई गतिविधियां चल रही हैं। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह दफ्तर संगठन की विरासत और राजनीतिक महत्व का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी इस बंगले के लिए बाजार मूल्य पर किराया चुका रही है।इतिहास में देखें तो 10 जनपथ और 24 अकबर रोड कांग्रेस के पावरहाउस के तौर पर वर्षों से जुड़ी हुई हैं। आजादी से पहले, मोतीलाल नेहरू का इलाहाबाद स्थित आनंद भवन पार्टी का मुख्यालय था। जिसे 1947 के बाद हेडक्वार्टर नई दिल्ली शिफ्ट किया गया। 1969 में पार्टी में फूट के बाद इंदिरा गांधी ने विंडसर प्लेस में टेम्पररी कार्यालय बनाया। 1971 में 5, राजेंद्र प्रसाद रोड और 1978 में 24 अकबर रोड मुख्यालय बना।