नयी दिल्ली: 15 मार्च (ए)
इस बीच, वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति में संकट के चलते क्षेत्र के नियामक ने शहर गैस वितरण कंपनियों से अपने पीएनजी ढांचे का विस्तार तेजी से करने को कहा है, जिससे रसोई गैस की आपूर्ति पर दबाव कम किया जा सके।भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को एक अहम फैसला लेते हुए संशोधित आपूर्ति आदेश जारी किया है। मंत्रालय ने बयान में कहा है कि इस संशोधन के तहत सरकारी तेल कंपनियों को भी ऐसे उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन या रिफिल देने से मना किया गया है, जिनके पास पहले से ही पाइप वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) कनेक्शन मौजूद है।मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा, ”कोई भी व्यक्ति जिसके पास पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) का कनेक्शन है और जिसके पास घरेलू एलपीजी कनेक्शन भी है, वह घरेलू एलपीजी कनेक्शन अपने पास नहीं रखेगा, और न ही किसी सरकारी तेल कंपनी से, या उनके वितरकों के माध्यम से, घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की रिफिल लेगा। ऐसे व्यक्तियों के लिए यह आवश्यक होगा कि वे अपने घरेलू एलपीजी कनेक्शन को तत्काल समर्पित कर दें।”पिछले महीने के आखिरी में ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने मिलकर हमला कर दिया था, जिसमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद, ईरान ने बदले की कार्रवाई करते हुए खाड़ी देशों पर अमेरिकी ठिकानों पर जमकर बमबारी की। इसके अलावा, दुनियाभर को तेल और एलपीजी पहुंचाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते चुनिंदा जहाजों के अलावा, बाकी के जहाजों के जाने पर रोक लगा दी। ईरान ने कई टैंकरों को मिसाइलों के हवाले कर दिया। भारत में भी एलपीजी को लेकर विभिन्न शहरों में लंबी-लंबी लाइनें लगने लगीं। इस बीच, ईरान ने होर्मुज से दो एलपीजी टैंकरों को भारत जाने की इजाजत दे दी है।सरकार ने देशवासियों से अपील की है कि वे रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल को लेकर घबराहट में न आएं, क्योंकि देश में इनका पर्याप्त भंडार है। साथ ही कहा कि जो लोग अभी सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं और उनके आसपास पाइप से आपूर्ति की जाने वाली पीएनजी की लाइन है वे शीघ्र इसके कनेक्शन के लिए आवेदन करें। सिलेंडर बुकिंग को लेकर लोगों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा गया है कि वे तेल वितरण कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट से ही सिलेंडर की बुकिंग करें क्योंकि कुछ डिजिटल स्कैमर इस स्थिति का गलत फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है और राज्यों से सिलेंडर आपूर्ति की निगरानी करने को कहा गया है।
