अहमदाबाद: 29 अगस्त (ए)
अहमदाबाद सत्र न्यायालय के न्यायाधीश बी बी जादव ने सूरत के बिल्डर शैलेश भट्ट और उनके साथी का 2018 में गांधीनगर से अपहरण करने और उस समय 32 करोड़ रुपये मूल्य के 200 बिटक्वाइन की जबरन वसूली में लिप्त रहने को लेकर कोटडिया, पटेल और अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनायी।कोटडिया ने 2012 से 2017 के बीच अमरेली की धारी सीट का प्रतिनिधित्व किया था।
अभियुक्त कांस्टेबल का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील परेश वाघेला ने कहा, ‘‘इस मामले में अभ्यारोपित किये गये कुल 15 आरोपियों में से अदालत ने कोटडिया समेत 14 लोगों को दोषी ठहराया, जबकि बिपिन पटेल को बरी कर दिया गया। आरोपियों को 200 बिटक्वाइन की जबरन वसूली की साजिश में शामिल होने का दोषी पाया गया। आरोपियों में अमरेली पुलिस के नौ कांस्टेबल भी शामिल थे।’’
उन्होंने कहा कि नौ पुलिसकर्मी एक सप्ताह में इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे।
बिल्डर भट्ट ने आरोप लगाया था कि अमरेली के पुलिसकर्मियों ने नौ फरवरी, 2018 को उन्हें और उनके व्यापारिक साझेदार किरीट पलाडिया को गांधीनगर से अगवा कर लिया तथा उनसे बिटक्वाइन की उगाही की थी।
भट्ट ने गृह विभाग को दिए अपने आवेदन में आरोप लगाया था कि कोटडिया और अमरेली के तत्कालीन एसपी जगदीश पटेल उनसे और पलाडिया से बिटक्वाइन की जबरन वसूली की साजिश में शामिल थे।
गृह विभाग के निर्देश पर, राज्य सीआईडी (अपराध) ने कोटाडिया और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत अपहरण, जबरन वसूली और आपराधिक साजिश के लिए प्राथमिकी दर्ज की थी।