नयी दिल्ली: 19 फरवरी (ए)
पुलवामा निवासी मुदस्सर नामक आरोपी को कोतवाली थाने की एक टीम ने गश्त के दौरान पकड़ा।पुलिस ने बताया कि लाल किला के पीछे दिल्ली चलो पार्क के पास एक काले रंग की ह्युंडई सैंट्रो कार, जिसमें जम्मू-कश्मीर का रजिस्ट्रेशन नंबर था, संदिग्ध तरीके से खड़ी मिली। कार में मुदस्सर के साथ एक नाबालिग भी था।
पुलिस पूछताछ में मुदस्सर ने एक पहचान पत्र दिखाया जो राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का होने का दावा करता था। जांच में यह पहचान पत्र फर्जी पाया गया। दोनों को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि मुदस्सर ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को दिल्ली में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे पैसे लिए। आरोपी ने नाबालिग लड़के के परिवार से पैसे लेकर उसे दिल्ली लाया।
पुलिस के अनुसार, मुदस्सर और नाबालिग 12 फरवरी को कश्मीर से रवाना हुए और 13 फरवरी की रात दिल्ली पहुंचे। वे जामा मस्जिद क्षेत्र के एक गेस्ट हाउस में ठहरे थे। आरोपी ने दावा किया कि उसने कुछ लोगों से नाबालिग के लिए नौकरी का इंतजाम करने की बात कही थी, लेकिन इसके कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
विशेष सेल, इंटेलिजेंस ब्यूरो और संबंधित केंद्रीय एजेंसी के साथ संयुक्त पूछताछ में पुष्टि हुई कि मुदस्सर का एनआईए पहचान पत्र पूरी तरह फर्जी था और कोई भी असली पहचान पत्र जारी नहीं हुआ था।
पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी नौकरी का लालच देने वाले संदिग्ध लोगों पर भरोसा न करें और किसी भी तरह की अनौपचारिक पहचान पत्र की जांच अवश्य करें।