नयी दिल्ली: एक फरवरी (ए
आयकर दरों में कोई बदलाव नहीं।
वायदा एवं विकल्प (एफ एंड ओ) सौदों पर लगने वाले प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) को बढ़ाकर क्रमशः 0.05 प्रतिशत और 0.15 प्रतिशत किया गया।
– विदेशी पर्यटन पैकेज की बिक्री पर ‘स्रोत पर कर संग्रह’ (टीसीएस) की दर को दो प्रतिशत किया गया।
– उदारीकृत धनप्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत विदेश में शिक्षा और चिकित्सा खर्च पर टीसीएस को भी दो प्रतिशत किया गया।
– नया आयकर अधिनियम, 2025 इस साल एक अप्रैल से लागू होगा, नियम और फॉर्म जल्द जारी होंगे।
– बिना ऑडिट वाले व्यवसायों के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की तारीख अगस्त 31 तक बढ़ाई गई।
– विदेशी कंपनियों को भारत के डेटा सेंटर से वैश्विक सेवाएं प्रदान करने पर 2047 तक मिलेगा ‘कर अवकाश।’
– वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य, जो वित्त वर्ष 2025-26 के 4.4 प्रतिशत से कम है।
– जीडीपी में ऋण का अनुपात 56.1 प्रतिशत से घटाकर 55.6 प्रतिशत किया गया।
– वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल बजट का आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये।
– सरकारी पूंजीगत व्यय को 11.11 लाख करोड़ से बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया।
– राज्यों को कर हिस्सेदारी के रूप में 1.4 लाख करोड़ रुपये आवंटित।
– शुद्ध कर संग्रह 28.7 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान।
– सकल बाजार उधारी 17.2 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान।
– बजट का ‘तीन कर्तव्य’ पर ध्यान, वृद्धि की रफ्तार तेज करना, आकांक्षाओं को पूरा करना, और सबका साथ, सबका विकास।
– सुधारों के ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के तहत 350 से अधिक सुधार लागू।
– एसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये का वृद्धि कोष बनाने का प्रस्ताव, भविष्य के चैंपियन बनाने का लक्ष्य।
– सीमाशुल्क के लिए विश्वास-आधारित प्रणाली, पूर्व-निर्धारित कर निर्णय (एडवांस रुलिंग) की वैधता अवधि पांच वर्ष तक बढ़ाई गई।
– सेवा क्षेत्र का योगदान वर्ष 2047 तक बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने के लिए उच्चस्तरीय के गठन का प्रस्ताव।