मंदिर के नाम नोटिस जारी करने का मामला, अधिकारी निलंबित

राष्ट्रीय
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जयपुर: 28 नवंबर (ए)) जयपुर में अतिक्रमण के मामले में मंदिर के नाम नोटिस जारी किए जाने के मामले में जेडीए के एक प्रवर्तन अधिकारी को शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया।

मिली जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने प्रवर्तन अधिकारी अरुण कुमार पूनिया को निलंबित कर दिया है। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के सचिव निशांत जैन ने मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों के बाद निलंबन का आदेश जारी किया। हालांकि इसमें कोई कारण नहीं बताया गया है।

जेडीए ने सड़क चौड़ी करने के अभियान के तहत वैशाली नगर में स्थित एक ‘शिव मंदिर’ को अतिक्रमण का नोटिस जारी किया है। 21 नवंबर को जारी इस नोटिस पर सात दिन में जवाब मांगा गया है।

वहीं, जेडीए के इस कदम से स्थानीय लोगों में गुस्सा है क्योंकि यह नोटिस मंदिर के किसी प्रबंधक या प्रबंधन संस्था के बजाय सीधे ‘शिव मंदिर’ के नाम भेजा गया था। स्थानीय लोगों ने सवाल किया कि मंदिर की ओर से कौन जवाब देगा और जरूरी दस्तावेज कौन जमा करवाएगा।

स्थानीय निवासी विजय सिंह ने कहा कि नोटिस मंदिर के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार किसी व्यक्ति, संगठन या ट्रस्ट को भेजा जाना चाहिए था।

उन्होंने कहा, ‘मंदिर के नाम पर इसे जारी करना सही नहीं है। इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।’

वहीं जेडीए की प्रवर्तन शाखा के अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई एक याचिका से जुड़े उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद की गई है।

यहां गांधी पथ को चौड़ा करने के लिए ज़ोन-7 के उपायुक्त द्वारा किए गए सर्वे में पाया गया कि मंदिर की चारदीवारी सड़क तक फैली हुई थी और इसे अतिक्रमण माना गया।

उन्होंने कहा कि जेडीए ने कई घरों और दुकान मालिकों को भी नोटिस जारी किए हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि प्राधिकरण ने नोटिस चिपकाने से पहले मंदिर प्रबंधन, पुजारी या किसी कमेटी से संपर्क नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर के नाम पर नोटिस जारी करना असंवेदनशीलता है।