मास्को: 27 फरवरी (ए)
पाकिस्तान ने अफगान तालिबान की सीमा पर कथित हमलों के जवाब में सैन्य अभियान शुरू करते हुए दावा किया कि ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ में 133 तालिबान लड़ाके मारे गए हैं।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच स्थित 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा को डूरंड लाइन के नाम से जाना जाता है, जिसे काबुल ने औपचारिक तौर पर मान्यता नहीं दी है।
रूसी विदेश मंत्रालय ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सशस्त्र संघर्षों में ‘तेज वृद्धि’ होने पर चिंता व्यक्त की, जिसमें ‘नियमित सैन्य इकाइयां, वायुसेना और भारी हथियारों का इस्तेमाल’ शामिल है।
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने एक बयान में कहा, ‘‘दोनों ओर लोग हताहत हुए हैं, जिनमें नागरिक भी शामिल हैं। हम अपने मित्र देशों, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से इस खतरनाक टकराव को रोकने और सभी मतभेदों को राजनीतिक और राजनयिक माध्यमों से सुलझाने के लिए बातचीत की मेज पर लौटने का आह्वान करते हैं।’’
अफगानिस्तान के लिए क्रेमलिन के विशेष दूत ज़मीर काबुलोव ने भी इस्लामाबाद और काबुल से संघर्ष समाप्त करने का आग्रह किया।
सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार, काबुलोव ने कहा, ‘हम हमलों को शीघ्र रोके जाने और मतभेदों का कूटनीतिक समाधान निकालने के पक्ष में हैं।