नाहन: 15 जनवरी (ए)
संगड़ाह के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) ने ‘पीटीआई-भाषा’ को फोन पर बताया कि घटना की शुरुआती जांच से प्रतीत होता है कि तंलगना गांव के घर में आग बुधवार देर रात चूल्हे के कारण लगी थी।
हालांकि, ग्रामीणों ने बताया कि रसोई में आग लगने के बाद एक धमाके की आवाज़ सुनाई दी। आग तेजी से पास के घरों में फैल गई, जिससे तीन अन्य घरों को नुकसान हुआ।
सभी छह मौत इंदिरा देवी के घर हुईं। आग लगने के समय उनके घर में दो बेटियां, उनके पति और बच्चे ‘बोड़ा त्योहार’ मनाने के लिए मौजूद थे।
बोडा त्योहार सिरमौर जिले में तीन लाख की आबादी वाले हट्टी जनजातीय समुदाय का सबसे बड़ा वार्षिक उत्सव है।
चश्मदीद और इंदिरा देवी के घायल दामाद, लोकेंद्र सिंह (42), को पड़ोसियों ने बचाया।
पुलिस को दिए बयान में उन्होंने कहा कि परिवार के सभी सदस्य और मेहमान रात के खाने के बाद सो रहे थे, तभी रसोई में आग लग गई और इसके बाद लगभग तड़के तीन बजे एक जोरदार धमाके की आवाज़ सुनाई दी।
जिले प्रशासन के राजस्व अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार, आग लगने के समय घर में सात लोग मौजूद थे। मृतकों की पहचान नरेश कुमार (50) और उनकी पत्नी त्रिप्ता देवी (44) के रूप में की गई, दोनों सिरमौर के राजगढ़ के निवासी थे।
इसके अलावा कविता देवी (36) और उनके तीन बच्चे—कृतिका (13), सारिका (10) और कार्तिक (3) की भी आग में मौत हो गई।
इस घटना में विजय सिंह, भीम सिंह और मीन सिंह के तीन अन्य घर भी क्षतिग्रस्त हुए।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को घटना के कारणों की गहन जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, उन्होंने शोक संतप्त परिवारों को हर संभव सहायता और राहत प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर और भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष राजीव बिंदल ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है।
इसके अलावा, कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रमुख एवं श्री रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र से विधायक विनय कुमार ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया है और अधिकारियों को तत्काल राहत प्रदान करने का निर्देश दिया है।
यह घटना संगड़ाह उपमंडल में पिछले एक सप्ताह में दूसरी बड़ी त्रासदी है। 10 जनवरी को एक बस दुर्घटना में 14 लोगों की मौत हो गई थी और 52 लोग घायल हो गए थे।