ब्राह्मण समुदाय के बारे में नफरती भाषण के खिलाफ कार्रवाई संबंधी याचिका शीर्ष अदालत में खारिज

राष्ट्रीय
Spread the love

नयी दिल्ली: 20 मार्च (ए)) उच्चतम न्यायालय ने ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ नफरती भाषण को दंडनीय अपराध करार देने संबंधी याचिका की सुनवाई से शुक्रवार को इनकार कर दिया और इसे ‘ब्राह्मोफोबिया (ब्राह्मणों को लेकर अनर्गल बातें करना)’ की प्रवृत्ति की संज्ञा दी।

न्यायमूर्ति बी.वी. नगरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ शुरू से ही महालिंगम बालाजी की याचिका खारिज करने के पक्ष में नजर आई। पीठ ने कहा कि (केवल ब्राह्मण ही क्यों) किसी भी समुदाय के खिलाफ कोई नफरती भाषण नहीं होना चाहिए।