
यह निर्णय सोमवार से विधानमंडल के शुरू हो रहे पांच दिवसीय सत्र से पहले यादव द्वारा आयोजित एक बैठक में लिया गया। इस सत्र के दौरान 243 सदस्यीय विधानसभा के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलायी जाएगी।
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा, ‘‘तेजस्वी यादव को राज्य विधानमंडल में महागठबंधन का नेता चुना गया है। निश्चित रूप से, वह विधानसभा में हमारी पार्टी के नेता भी होंगे।’
कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) एवं पार्टी की प्रदेश इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष समीर कुमार सिंह ने कहा, ‘तेजस्वी यादव पर फैसला सर्वसम्मति से लिया गया। हमारे पास पर्याप्त संख्या बल है और वह विपक्ष के नेता भी होंगे।’
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा, जिसमें सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने 202 सीट जीतकर सत्ता बरकरार रखी।
सिंह ने कहा, ‘बैठक में, विधानमंडल के दोनों सदनों के सदस्यों ने चुनाव कराने के तरीके पर चिंता जतायी। ये स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं थे। पहले बिहार में आयोजित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) एक संदिग्ध प्रक्रिया बनी हुई है। इस पर कोई आश्चर्य नहीं कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्य में इतना राजनीतिक टकराव है।’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘हम सदन में जनता से जुड़े सभी मुद्दों पर अपनी आवाज़ उठाते रहेंगे। अगर भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन चुनाव के दौरान किए गए वादों से मुकरने की कोशिश करता है, तो हम उसका विरोध करेंगे।’