नयी दिल्ली: 15 फरवरी (ए)
प्रधानमंत्री ने कुछ साल पहले लाल किले की प्राचीर से की गई “यही समय है, सही समय है” घोषणा को याद करते हुए कहा कि उनकी सरकार में “अब समय आ गया है” की भावना हमेशा से ही मौजूद रही है।
मोदी ने कहा, “लेकिन आज यह भावना एक राष्ट्रीय प्रतिबद्धता और समूचे समाज का संकल्प बन गई है। हमारे राष्ट्र में एक नया आत्मविश्वास पैदा हुआ है।”
उन्होंने कहा, “विभिन्न प्रकार की चुनौतियों के इस दौर में भी हमारे राष्ट्रीय चरित्र ने अपनी पहचान दिखाई है और हम कठिन वैश्विक परिस्थितियों में भी विकास का एक उज्ज्वल उदाहरण हैं।”
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने तय कर लिया है कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में विकास के अगले चरण में प्रवेश करने के लिए तैयार है और क्या यह “अभी नहीं तो कभी नहीं” वाली स्थिति है, मोदी ने कहा कि महामारी के बाद की विश्व व्यवस्था भारत के लिए नये द्वार खोल रही है, जिसमें देश व्यापार और नवाचार में नयी दिल्ली के साथ साझेदारी करने के लिए उत्सुक हैं।
उन्होंने कहा, “हमारे पास एक युवा और कुशल आबादी है; और हम कम मुद्रास्फीति और व्यापक आर्थिक स्थिरता के साथ मजबूत विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हमारे युवा अंतरिक्ष, खेल और स्टार्टअप जैसे विविध क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रहे हैं। हमने राजनीतिक स्थिरता और सुधार-केंद्रित नीतियां सुनिश्चित की हैं।”