लखनऊ: नौ दिसंबर (ए)
मायावती ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमारी पार्टी का सुझाव है कि चुनाव के दौरान और बाद में ईवीएम से जुड़ी अनियमितताओं की लगातार आ रही शिकायतों को दूर करने और चुनावी प्रक्रिया में पूर्ण विश्वास बहाल करने के लिए, ईवीएम के माध्यम से मतदान की प्रणाली को पारंपरिक मतपत्र प्रणाली से बदल दिया जाना चाहिए।’उन्होंने कहा, ‘‘अगर किसी वजह से ऐसा अभी नहीं किया जा सकता है, तो कम से कम मतदान के दौरान ‘वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल’ (वीवीपैट) मशीन के बॉक्स में गिरने वाली पर्चियों की गिनती सभी मतदान केंद्रों पर की जानी चाहिए और उनका मिलान ईवीएम के जरिये पड़े वोटों से किया जाना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि ऐसा ना करने के पीछे बहुत अधिक समय लगने का जो कारण निर्वाचन आयोग द्वारा बताया गया है वह बिल्कुल भी उचित नहीं है।
मायावती ने कहा, ‘‘मतगणना के लिए कुछ अतिरिक्त घंटे लगना चिंता का विषय नहीं होना चाहिए, खासकर यह देखते हुए कि पूरी चुनाव प्रक्रिया कई महीनों तक चलती है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बढ़ेगा और उत्पन्न होने वाली अनेक शंकाएं और आशंकाएं समाप्त होंगी, जो अंततः राष्ट्र के हित में होगा।’’