नयी दिल्ली: 17 फरवरी (ए)
पुलिस के अनुसार, 19 जनवरी को दिल्ली यातायात पुलिस के एक अधिकारी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था।एक अधिकारी ने कहा, ‘शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि सोशल मीडिया पर उनका आपत्तिजनक और फर्जी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उनसे 1.2 लाख रुपये की उगाही की गई।’
जांच के दौरान पुलिस टीम ने आरोपियों का पता लगाया।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस की टीम ने 10 फरवरी को हरियाणा के समालखा निवासी 32 वर्षीय महिला, जिसे गिरोह का सरगना बताया जा रहा है, को उसके सहयोगियों सचिन (35) और आमिर चौधरी के साथ गिरफ्तार किया। दोनों क्रमश: हरियाणा और दिल्ली के रहने वाले हैं।
अधिकारी के अनुसार, पूछताछ में पता चला कि यह महिला पहले अशोक कुमार नामक व्यक्ति द्वारा संचालित एक गिरोह से जुड़ी थी, जो इस तरह के अपराध को अंजाम देता था। दिसंबर 2025 में अशोक की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद महिला ने इस तरह के आपराधिक गतिविधि को अपना अलग गिरोह बनाकर स्वतंत्र रूप से अंजाम देना शुरू किया।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह यातायात चालान की कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों को निशाना बनाता था और छिपे हुए ‘स्पाई कैमरों’ से उनकी आधिकारिक बातचीत रिकॉर्ड करता था। यह फुटेज सह-आरोपी सुमित को भेजी जाती थी, जो वीडियो को संपादित कर उसे भ्रामक वीडियो में तब्दील कर देता था, ताकि दुराचार का आभास हो।
इसके बाद इन कथित तौर पर छेड़छाड़ किए गए वीडियो के जरिए पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने और झूठी शिकायतें दर्ज कराने की धमकी दी जाती थी। वीडियो हटाने और सार्वजनिक न करने के बदले पैसे की मांग की जाती थी।पुलिस ने बताया कि आमिर को अप्रैल 2025 में अपराध शाखा द्वारा दर्ज इसी प्रकार के एक अन्य मामले में पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।