दावोस: 21 जनवरी (ए)
उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका, चीन और रूस के बीच स्थित है और इसलिए हमें रणनीतिक कारणों से इसकी आवश्यकता है, न कि बर्फ के नीचे दबे दुर्लभ खनिजों की विशाल मात्रा के लिए।
ट्रंप ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हमने जब ग्रीनलैंड को बचाया था और डेनमार्क को सौंपा था तब हम एक शक्तिशाली देश थे, लेकिन अब हम उससे कहीं अधिक शक्तिशाली हैं। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड को द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद डेनमार्क को लौटाना हमारी मूर्खता थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने लोगों से खचाखच भरे सभागार में अपने भाषण की शुरुआत उपस्थित ‘‘बहुत सारे दोस्तों’’ और ‘‘कुछ दुश्मनों’’ का अभिवादन करते हुए की। उन्होंने यूरोप, नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन), स्वच्छ ऊर्जा के समर्थकों और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतियों, जिनमें ‘‘नींद में डूबे’’ जो बाइडन भी शामिल हैं, पर तीखा हमला किया।