वाशिंगटन: 16 नवंबर (ए)
उन्होंने अपने पहले कार्यकाल के ‘अब्राहम समझौते’ को आगे बढ़ाने के अपने प्रयासों की चर्चा की है। इस कोशिश ने इजराइल और तीन अरब देशों के बीच वाणिज्यिक एवं राजनयिक संबंधों को औपचारिक रूप दिया है। यह पहल पश्चिम एशिया में दीर्घकालिक स्थिरता लाने की उनकी अहम योजना है।
ट्रंप मंगलवार को जब व्हाइट हाउस में सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान के साथ वार्ता करेंगे तो इजराइल के साथ रिश्तों को सामान्य करने का उनका प्रयास एजेंडे में शीर्ष पर रहने की उम्मीद है।
ट्रंप ने शुक्रवार को फ्लोरिडा के लिए रवाना होते समय एयरफोर्स वन विमान में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि सऊदी अरब बहुत जल्द अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर कर देगा।’’
सऊदी अरब के निकट भविष्य में समझौते पर हस्ताक्षर करने की संभावना नहीं है, लेकिन तीन प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस बात की आशा है कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के अंत तक समझौता हो सकता है।
ट्रंप के पहले कार्यकाल और उसके बाद जो बाइडन के प्रशासन ने सऊदी अरब को अब्राहम समझौते में शामिल होने के लिए मनाने की कोशिश की। लेकिन यह प्रयास ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान युवराज के पिता एवं सऊदी अरब के शाह सलमान के विरोध के कारण धराशायी हो गया था।
इसके बाद सात अक्टूबर, 2023 को हमास द्वारा इजराइल पर हमला किए जाने के बाद गाजा में युद्ध छिड़ने के कारण युवराज मोहम्मद ने स्वयं इस योजना का विरोध किया था।