लखनऊ: चार जुलाई (ए)
एटीएस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
एटीएस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए तस्कर की पहचान ज़ाकिर के तौर पर हुई है, जो पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के वैष्णवनगर थाना क्षेत्र के ठाकुर दास मंडलपारा देवनापुर का निवासी है।
उसे मालदा से गिरफ्तार करने के बाद वाराणसी लाकर पूछताछ की गई। वह नवंबर 2024 में सारनाथ थाने में दर्ज एक मामले में फरार था।
बयान के अनुसार, एटीएस को खुफिया जानकारी मिली थी कि तस्करों का एक गिरोह बांग्लादेश में छापी गई नकली भारतीय मुद्रा हासिल कर रहा था और पश्चिम बंगाल में मौजूद अपने लोगों के ज़रिए उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में इसकी आपूर्ति कर रहा था।
जांच के दौरान, एटीएस ने नवंबर 2024 में वाराणसी से मोहम्मद सुलेमान अंसारी और उसके साथी इदरीस को दो लाख रुपये की नकली भारतीय मुद्रा के साथ गिरफ़्तार किया था।
बयान के अनुसार पूछताछ के दौरान, दोनों ने बताया कि जाकिर उन्हें नकली नोटों की आपूर्ति करता था, जिसे रफीकुल नाम का एक अन्य व्यक्ति बांग्लादेश से भारत में तस्करी करके लाता था।
बयान में कहा गया है कि इसके बाद इस गिरोह के ज़रिए नकली नोट अलग-अलग राज्यों में पहुंचाए जाते थे।
जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर एटीएस ने जाकिर पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जो काफी समय से फरार था।
आरोपी को शुक्रवार को मालदा से गिरफ़्तार किया गया और आगे की कानूनी कार्रवाई और पूछताछ के लिए उसे वाराणसी लाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि नकली नोट से जुड़े गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने के लिए उससे पूछताछ जारी है।