मुंबई: छह फरवरी (ए)
अधिकारी ने बताया कि संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (एसजीएनपी) और आरे वन क्षेत्र की सीमा से सटे इलाकों में तेंदुओं के दिखने और उनके द्वारा आवारा या पालतू पशुओं का शिकार किए जाने की घटनाएं असामान्य नहीं हैं।
रेस्किंक एसोसिएशन फॉर वाइल्डलाइफ वेलफेयर (आरएडब्ल्यूडब्ल्यू) के संस्थापक-अध्यक्ष पवन शर्मा ने कहा, “घटनास्थल एसजीएनपी से बेहद नजदीक है। इस क्षेत्र में तेंदुओं और अन्य वन्य जीवों की नियमित आवाजाही देखी जाती है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है।”
उन्होंने कहा कि निवासियों को तेंदुओं की मौजूदगी को लेकर बुनियादी सावधानियों का पालन करना चाहिए, ताकि मानव और वन्यजीवों के बीच किसी भी नकारात्मक टकराव से बचा जा सके।
शर्मा ने बताया कि आरएडब्ल्यूडब्ल्यू की टीम वन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और जहां आवश्यक हो, वहां हस्तक्षेप किया जा रहा है।