लखनऊ: एक फरवरी (ए)
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आ गया भाजपाई बजट का परिणाम, शेयर मार्केट हुआ धड़ाम।’’उन्होंने कहा कि हमने तो पहले ही कहा था – सवाल ये नहीं है कि शेयर बाज़ार रविवार को खुलेगा, सवाल ये है कि और कितना गिरेगा। जब भाजपा सरकार से कोई उम्मीद नहीं है, तो उसके बजट से क्या होगी। हम तो भाजपा के हर बजट को 1/20 का बजट मानते हैं क्योंकि वो पांच प्रतिशत लोगों के लिए होता है। यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा का बजट, अपने कमीशन और अपने लोगों को लाभ पहुंचाने का बजट होता है। भाजपा का बजट, भाजपाई भ्रष्टाचार का अदृश्य खाता-बही होता है।उन्होंने दावा किया कि इस बजट में न आम जनता का जिक्र है, न फिक्र और महंगाई बेतहाशा बढ़ने पर भी इस बजट में जनता को कर में छूट न देना, ”टैक्स-शोषण” है। यादव ने दावा किया कि अमीरों के काम-कारोबार और घूमने-फिरने पर दस तरह की छूटें दी गईं हैं लेकिन बेकारी-बेरोजगारी से जूझ रहे लोगों की उम्मीदों की थाली, खाली है। यह निराशाजनक, निंदनीय बजट है।