अमेठी (उप्र) 22 अगस्त (ए) केंद्र सरकार ने अमेठी के फुर्सतगंज में स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय (आरजीएनएयू) के उस प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है: जिसके तहत विश्वविद्यालय अपनी एयरोस्पेस गतिविधियों का विस्तार अतिरिक्त 500 एकड़ ज़मीन पर करेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया है कि केंद्र ने उत्तर प्रदेश सरकार को इसके लिए ज़मीन उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया है।
आरजीएनएयू के कुलपति प्रो. बीएन सिंह ने पत्रकारों को बताया, ‘‘ यह देश का एक मात्र विमानन विश्वविद्यालय है और ‘2047 विकसित भारत’ के लक्ष्य में इसकी अहम भूमिका होने वाली है। उन्होंने कहा कि इसके एयरोस्पेस के विस्तार का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था जिसे केंद्र सरकार ने अपनी स्वीकृति देते हुए 500 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है।’’
कुलपति ने बताया कि राज्य सरकार से भूमि उपलब्ध होते ही ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस’ विकसित करने का काम शुरू होगा। उन्होंने कहा कि भूमि के सर्वेक्षण का काम चल रहा है।
सिंह ने कहा कि गत दिनों उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी और उन्होंने कहा था कि शीघ्र भूमि उपलब्ध करा दी जायेगी। उन्होंने बताया कि 500 एकड़ की प्रस्तावित भूमि पर अत्याधुनिक लैब, रिसर्च सेंटर और आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा।
कुलपति के अनुसार, संस्थान ने 2033 तक छात्रों की संख्या बढ़ाकर 17,000 करने के लिए एक ‘डेवलपमेंट मॉडल’ तैयार किया है। अभी यहां 595 छात्र हैं।
राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय, फुर्सतगंज 2013 में नागर विमानन मंत्रालय के तहत स्थापित केंद्रीय विश्वविद्यालय है और यह विमानन एवं एयरोस्पेस शिक्षा के लिए देश का एकमात्र संस्थान है।
