नयी दिल्ली: 26 मार्च (ए)
सभी राज्यों को भेजे गए एक पत्र में, जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 11 के तहत निर्धारित दंडों की सूची दी है, जिसमें दोषी पाए जाने पर 1,000 रुपये के जुर्माने से लेकर तीन साल तक का कारावास या दोनों हो सकता है। यदि कोई अधिकारी या प्रगणक जानबूझकर गलत जानकारी दर्ज करता है, गलत रिटर्न बनाता है, या बिना मंजूरी के जानकारी साझा करता है, तो उसे दंडित किया जाएगा।