ईरान और अमेरिका के बीच जारी शांति वार्ता के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप की धमकी से एक बार फिर से दोनों देशों के बीच टकराव के आसार नजर आने लगे हैं। ईरानी प्रतिनिधिमंडल में शामिल मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि इस्लामिक गणराज्य को धमकाने से कोई फायदा नहीं होगा। गालिबाफ ने कहा, ”उन्हें अपने बयानों में सावधानी बरतनी चाहिए। हमारी सशस्त्र सेनाएं उन्हें अलग तरीके से जवाब देने के लिए तैयार हैं। वे चाहे कुछ भी कहें, कार्रवाई हम करते हैं।”अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक गालिबाफ ने कहा, ”क्या उन्हें नहीं लगता कि अगर उनकी धमकियों का कोई असर होता, तो वे आज इस तरह की निराशाजनक स्थिति में नहीं पहुंचते? हम अमेरिकी धमकियों को कोई महत्व नहीं देते।” यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के बाद आया, जिसमें उन्होंने ईरान से लेबनान में अपने सहयोगी समूह हिज्बुल्ला को नियंत्रित करने और इस्राइल पर हमले रोकने को कहा था।