नयी दिल्ली: 18 अगस्त (ए) अमेरिकी कंपनी मेटा के साथ सरकार की बातचीत के बाद बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) के मुद्दे पर कार्रवाई और बढ़ी हुई संवेदनशीलता देखने को मिली है।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि केंद्र ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी सामग्री कानून का स्पष्ट उल्लंघन है और इस तरह कानून का उल्लंघन होने पर ‘सेफ हार्बर’ का संरक्षण नहीं मिलेगा।
