कीव, 20 अक्टूबर (ए)। रूस ने यूक्रेन के नागरिक इलाकों पर फिर मिसाइलों और ड्रोन से भीषण हमले किए हैं जिनमें कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। यूक्रेन के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
ये हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की नॉर्वे की यात्रा पर हैं और अमेरिका तथा यूरोपीय देशों से सहायता हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि कीव क्षेत्र में रूस के हमलों में बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 अन्य घायल हो गए।
पुलिस के अनुसार, हमलों के कारण ओबुखिव जिले में तीन लोगों की मौत हुई और छह अन्य घायल हो गए। हमलों में वहां के गोदामों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, बुचा जिले में एक महिला की मौत हो गई और आठ बच्चों समेत 21 लोग घायल हो गए। इस जिले में सैकड़ों इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है।
क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख ओलेह किपर ने कहा कि रूस ने रात में दक्षिणी ओडेसा क्षेत्र में ऊर्जा प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया जिससे कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। उन्होंने कहा कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है।
अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ भी ओस्लो में हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये हिस्सा लेंगे। विटकॉफ ने कुशनर के साथ मिलकर रूस और यूक्रेन के बीच समझौता कराने तथा युद्ध समाप्त करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब की जेलेंस्की के साथ बैठक होनी है।
ओस्लो पहुंचने के बाद ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में जेलेंस्की ने कहा, “हम शांति स्थापित करने में मदद करने वाले सभी पक्षों के संपर्क में हैं।”
उन्होंने कहा कि नॉर्वे में एकत्र हुए अधिकारी यूक्रेन की हवाई रक्षा को मजबूत करने और हथियारों के संयुक्त उत्पादन पर चर्चा करेंगे।
इस बीच, रूसी सरकार के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पत्रकारों से कहा कि मॉस्को को उम्मीद है कि जल्द ही रूस में अमेरिकी दूतों के साथ एक बैठक आयोजित की जा सकती है, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि यह बैठक कहां या कब होगी।
उन्होंने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ट्रंप के दूतों के साथ होने वाली बैठक बुधवार को भी हो सकती है।
जेलेंस्की और ट्रंप के संबंधों में खटास आने के बाद यूक्रेन को अमेरिका से सहायता को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
इस बीच, जेलेंस्की ने कहा कि रूबियो के साथ उनकी “काफी सार्थक बातचीत” हुई।
मंगलवार को आधिकारिक दौरे पर भारत पहुंचे रूबियो ने इस बात से इनकार किया कि अमेरिका, यूक्रेन को दी जाने वाली सहायता को रोक रहा है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “कुछ भी नहीं बदला है।”
यह बातचीत जेलेंस्की के सोमवार को अमेरिकी सांसदों के एक समूह से मुलाकात के बाद हुई। इस दौरान उन्होंने आशंका जताई थी कि ‘‘यूक्रेन को दी जाने वाली मदद की रफ्तार धीमी करने के लिए कोई राजनीतिक फैसला लिया गया है।’’
वहीं, यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने मंगलवार को अमेरिकी वार्ताकारों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि वे शांति वार्ता में वास्तव में ईमानदार मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं या नहीं।
यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन ने कीव को शांति के बदले रूस को जमीन सौंपने के लिए प्रोत्साहित किया है।
जेलेंस्की के मुताबिक, रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए यूक्रेन के पास अमेरिका में निर्मित पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली की मिसाइलें लगभग खत्म हो चुकी हैं। उन्होंने वाशिंगटन से और मिसाइलें भेजने का आग्रह किया है। हालांकि, उनका कहना है कि अमेरिकी रक्षा विभाग का मुख्यालय ‘पेंटागन’ उन मिसाइलों की आपूर्ति में भी देरी कर रहा है, जिन्हें दूसरे देशों ने यूक्रेन के लिए खरीदा था।
