
यह मामला जिले के बरलूट थाना क्षेत्र के मांडवरिया गांव का है, जहां आर्थिक रूप से कमजोर एक परिवार ने इसी महीने अपने एक सदस्य के निधन के बाद मृत्युभोज में सादा भोजन परोसा था। लेकिन वह परंपरा के अनुसार घी का मालपुआ नहीं परोस सका। इससे नाराज कुछ समाज के पंचों ने 18 जून को उस परिवार और उसका समर्थन करने वाले 43 अन्य परिवारों के सामाजिक बहिष्कार का फैसला सुना दिया।पीड़ित परिवारों का आरोप है कि बहिष्कार के बाद गांव के दुकानदार उन्हें राशन नहीं दे रहे हैं, कुएं से पानी भरने नहीं दिया जा रहा है और खेत मालिक काम देने से इनकार कर रहे हैं। बहिष्कार तोड़ने वालों पर 11 हजार रुपये का जुर्माना और सामूहिक भोज कराने की चेतावनी भी दी गई है। पीड़ितों ने 20 जून को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को सभी 43 परिवारों ने जिला कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है।