इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने जूनियर इंजीनियरों की बर्खास्तगी रद्द की

उत्तर प्रदेश प्रयागराज
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लखनऊ: 21 अगस्त (ए) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा 2013 में भर्ती किए गए 26 सामान्य श्रेणी के जूनियर इंजीनियरों की बर्खास्तगी रद्द कर दी।

न्यायमूर्ति इरशाद अली ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में अधिकारियों की गलतियों के लिए निर्दोष कर्मचारियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

अदालत ने कहा कि कर्मचारियों की नियुक्ति स्वीकृत पदों पर नियमित चयन प्रक्रिया के तहत हुई थी और उनके खिलाफ धोखाधड़ी या हेरफेर का कोई आरोप नहीं था।

मामला जल निगम में 470 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती से जुड़ा था। आरक्षण संबंधी आपत्तियों के बाद जांच समिति ने अतिरिक्त योग्य एससी/ओबीसी उम्मीदवारों को रिक्तियों पर समायोजित करने और पहले से चयनित सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को नहीं हटाने की सिफारिश की थी।

इसके बाद 136 अतिरिक्त एससी/ओबीसी उम्मीदवारों को नियुक्त किया गया और कुल नियुक्तियां 543 हो गईं, इसके बावजूद सामान्य श्रेणी के 73 जूनियर इंजीनियरों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।