नयी दिल्ली: 15 अक्टूबर (ए) अंकिता भंडारी की मां ने बृहस्पतिवार को आशंका जताई कि दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद उनकी बेटी को न्याय नहीं मिल सकेगा।
उत्तराखंड के एक रिजॉर्ट में काम करने वाली भंडारी की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी।
भाजपा नेता दुष्यंत गौतम का नाम अंकिता के परिवार की ओर से बार-बार इस मामले में कथित रूप से जुड़े ‘‘वीआईपी’’ के तौर पर उठाया जाता रहा है। गौतम को सोमवार को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया था।
अंकिता के पिता ने बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि गौतम की नियुक्ति की खबर सुनने के बाद उनकी पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने आशंका जताई कि इस स्थिति में उनकी बेटी को न्याय नहीं मिल पाएगा।
अंकिता के पिता ने कहा, ‘‘अगर सरकार गौतम की राज्यपाल के पद पर नियुक्ति रद्द नहीं करती है, तो हम 24 घंटे के भीतर धरने पर बैठेंगे।’’
पिता ने कहा कि उनके परिवार को देशभर के लोगों का समर्थन मिला है और उन्होंने लोगों से अपील की कि अंकिता को न्याय मिलने तक वे उनके साथ खड़े रहें।
उन्होंने यह भी मांग की कि उनकी बेटी के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जाने वाली पूरी जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में हो।
अंकिता की मां ने कहा, ‘‘हम अपनी बेटी के बारे में सोचकर चैन से नहीं रह पा रहे हैं। मैं आखिर कितने आंसू बहाऊं? जब भी आंखें खोलती हूं, मुझे वही दिखाई देती है।’’
उन्होंने कहा कि अंकिता को खोने के बाद से उनका परिवार दूसरे लोगों की तरह त्योहार नहीं मना पाया है।
परिवार के साथ मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने कहा कि अंकिता के माता-पिता अपने विरोध प्रदर्शन को किसी राजनीतिक दल से नहीं जोड़ना चाहते और उन्होंने किसी को इसमें शामिल होने के लिए नहीं बुलाया है। हालांकि, जो लोग परिवार का समर्थन करना चाहते हैं, उनका स्वागत है।
भयाना ने कहा, ‘‘हमें कल भी प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं थी। माता-पिता यहां प्रेस से बात करने आए थे और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि कहां जाएं, इसलिए हम इंडिया गेट पर बैठ गए।’’
भयाना ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने सहयोगात्मक रवैया अपनाया और परिवार के खिलाफ बल प्रयोग नहीं किया।
सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि जब कुछ राजनेता परिवार के धरने में साथ शामिल हुए, तो पुलिस ने उनसे वहां से जाने को कहा, क्योंकि इंडिया गेट विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल नहीं है।
गौतम की नियुक्ति के खिलाफ इंडिया गेट के पास प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए अंकिता के माता-पिता को कई घंटे बाद बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे रिहा कर दिया गया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को इंडिया गेट पर भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की थी। कांग्रेस नेताओं ने अंकिता को न्याय दिलाने की मांग की थी।
