
भजन गायिका के रूप में मशहूर पौडवाल से शुभांकर मिश्रा के यूट्यूब पॉडकास्ट में भारत में विवाह के महत्व को लेकर सवाल पूछा गया था।
उन्होंने कहा, “विवाह की पवित्रता अब नहीं बची है। इसकी वजह एलजीबीटीक्यू समुदाय को दिए गए अधिकार हैं।”
गायिका ने समाज में एलजीबीटीक्यू समुदाय के लोगों के योगदान पर भी सवाल उठाया।
उन्होंने कहा, “वे समाज के लिए क्या योगदान दे रहे हैं? मैं जानना चाहती हूं। वे किस तरह योगदान दे रहे हैं? जब एक लड़का और एक लड़की विवाह करते हैं और परिवार शुरू करते हैं, तो वह सही तरीका है। लेकिन एलजीबीटीक्यू समुदाय… मैं हर कुछ दिन में ऐसी चीजें देखती रहती हूं। यह समाज कल्याण में किस तरह योगदान देती हैं? हो सकता है कि मैं कुछ समझ नहीं पाई हूं, लेकिन वे समाज के लिए क्या योगदान दे रहे हैं?”
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने पौडवाल की टिप्पणी की आलोचना की और कहा कि उनका बयान ठीक नहीं था।
एक सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ने लिखा, “मैं बताता हूं कि वे समाज में कैसे योगदान दे रहे हैं। वे कानूनी रूप से शादी करना चाहते हैं, कानूनी रूप से उन बच्चों को गोद लेना चाहते हैं जिन्हें अलग-अलग लैंगिक पहचान वाले (हेटेरोसेक्सुअल) लोगों ने छोड़ दिया है, और यही सब कुछ बताने के लिए काफी है।”
एक अन्य उपयोगकर्ता ने लिखा, “मैं बचपन से आपकी बहुत इज्जत करता था और आपकी प्रशंसा करता था, अनुराधा पौडवाल जी। लेकिन आपके इस बयान ने मेरे मन में आपके प्रति सम्मान को कम कर दिया है।”
एक अन्य उपयोगकर्ता ने लिखा, “उनकी बातों ने मुझे झकझोर दिया। अब उनका कोई भी गीत सुनने का मेरा मन नहीं करता।”
एक अन्य उपयोगकर्ता ने लिखा, “कृपया इस विषय पर पहले खुद जानकारी हासिल कीजिए।”