वाशिंगटन: 16 सितंबर (ए) अमेरिकी संसद के निचले सदन (प्रतिनिधि सभा) में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल-गैस खरीदने पर भारत तथा अन्य देशों पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने और ईरान पर मौजूदा प्रतिबंधों को बढ़ाने का अधिकार देने वाले विधेयक को आगे बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया गया।
‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ ने मंगलवार शाम प्रतिनिधि सभा में एक प्रक्रियागत बाधा पार कर ली। दो डेमोक्रेट सांसदों ने अपनी पार्टी से अलग रुख अपनाते हुए रिपब्लिकन सांसदों के साथ विधेयक के पक्ष में मतदान किया।
रूस पर प्रतिबंध संबंधी विधेयक और कई अन्य विधेयकों को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव 211 के मुकाबले 214 मतों से पारित हुआ, जिससे प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक नेतृत्व को झटका लगा।
विधेयक पर बुधवार को प्रतिनिधि सभा में अंतिम मतदान होने के आसार हैं।
डेमोक्रेटिक सांसद ग्रेगरी मीक्स, जो प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के वरिष्ठ सदस्य हैं, ने सोमवार को रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि इससे राष्ट्रपति ट्रंप को बिना किसी अंकुश के शुल्क लगाने का मनमाना अधिकार मिल जाएगा।
पिछले महीने अमेरिकी सीनेट (उच्च सदन) ने इस विधेयक को 86-11 के भारी बहुमत से पारित किया था। विधेयक में रूस के नेतृत्व और ऊर्जा क्षेत्र के अलावा उन जहाजों के ‘शैडो बेड़े’ पर भी प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है, जो मॉस्को को तेल की आपूर्ति पर लगे प्रतिबंधों से बचाने में मदद करते हैं।
विधेयक पर मतदान ऐसे समय हो रहा है जब यूक्रेन समर्थक समूह अपने अभियान के समर्थन में पैरवी के प्रयास तेज कर रहे हैं।
‘अमेरिकन कोएलिशन फॉर यूक्रेन’ द्वारा आयोजित ‘यूक्रेन एक्शन समिट’ यहां जारी है। इसका उद्देश्य यूक्रेन की राजधानी कीव को लगातार समर्थन देने के लिए अमेरिकी सांसदों के जरिये दबाव बनाना है।
अमेरिकी सीनेट द्वारा सात अगस्त को पारित विधेयक में रूस के व्यापारिक साझेदार देशों के नाम नहीं लिए गए हैं, लेकिन इसमें मात्रा के आधार पर तेल और गैस के पांच सबसे बड़े आयातकों का उल्लेख किया गया है।
राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के लिए भेजे जाने से पहले विधेयक को प्रतिनिधि सभा से पारित होना जरूरी है।
