मैसूरु (कर्नाटक), तीन अक्टूबर (ए) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने शनिवार को आरोप लगाया कि मतदाता सूची से गरीब लोगों के नाम हटाने की मांग कर उनके मताधिकार को ‘‘छीनने’’ की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने भाजपा नेताओं पर इस तरह की रणनीति के जरिए चुनाव जीतने के प्रयास करने का आरोप लगाया।
मैसूरु जिले के पिरियापटना में प्रजा सेवा विभाग के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवकुमार ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए बड़ी संख्या में फॉर्म-7 आवेदन दिए जाने को लेकर जारी विवाद के बीच उनकी सरकार अल्पसंख्यकों, दलितों और पिछड़े वर्गों समेत सभी नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं, दोस्तों और नेताओं ने गरीबों समेत कई लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने की मांग करते हुए आवेदन दिए थे। हमने यह सुनिश्चित करने के लिए भी प्रयास शुरू किए हैं कि उचित दस्तावेजों के बिना किसी भी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाए।’’
शिवकुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) के नेता गरीब लोगों को उनके मताधिकार से वंचित कर चुनाव जीतने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा करना संविधान के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्वाचन आयोग के समक्ष अपनी चिंता जताई है और हर मतदाता के मताधिकार की रक्षा के लिए काम करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रजा सेवा विभाग की शुरुआत हाल में इस उद्देश्य से की गई है कि सरकारी सेवाएं लोगों के घर तक पहुंचाई जाएं और उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगवाए बिना उनकी शिकायतों का समाधान करना।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को लोगों के घर तक पहुंचना चाहिए।’’
उन्होंने बताया कि मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों को महीने में दो बार (हर महीने के पहले और तीसरे शनिवार) सभी तालुकों का दौरा करने और पंचायत स्तर पर लोगों से आवेदन लेने का निर्देश दिया गया है।
