जौनपुर,नौ सितंबर (ए)। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) समीर ने बुधवार को विकासखंड बक्शा एवं महराजगंज क्षेत्र के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था, छात्र उपस्थिति, साफ-सफाई, शौचालय व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बीएसए ने कंपोजिट विद्यालय सरायविभार, बक्शा का निरीक्षण किया। यहां समस्त स्टाफ उपस्थित पाया गया। विद्यालय में 120 नामांकित विद्यार्थियों के सापेक्ष 82 बच्चे उपस्थित मिले। बीएसए ने विद्यालय परिसर एवं शौचालयों में साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने प्राथमिक विद्यालय गड़ेरिहा, महराजगंज का निरीक्षण किया। यहां 57 विद्यार्थियों के सापेक्ष 34 बच्चे उपस्थित मिले। सहायक अध्यापक श्रीराम दीन एवं सहायक अध्यापिका श्रीमती नीलम यादव कक्षा-कक्ष में बच्चों को पढ़ाते हुए मिले। शिक्षण कार्य के प्रति सक्रियता और विद्यालय में बेहतर आपसी समन्वय पाए जाने पर बीएसए ने दोनों शिक्षकों सहित समस्त स्टाफ की प्रशंसा की।
प्राथमिक विद्यालय बहोरिकपुर, महराजगंज में भी समस्त स्टाफ उपस्थित मिला। विद्यालय में 81 नामांकित बच्चों के सापेक्ष 42 विद्यार्थी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की छत की मरम्मत की आवश्यकता सामने आने पर बीएसए ने मौके से ही जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) से वार्ता कर मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।
प्राथमिक विद्यालय महराजगंज में 145 विद्यार्थियों के सापेक्ष 61 बच्चे उपस्थित मिले। यहां समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। बीएसए ने विद्यालय की साफ-सफाई, शिक्षण व्यवस्था एवं बच्चों के अधिगम स्तर का निरीक्षण किया, जो संतोषजनक पाया गया।
इसके बाद बीएसए ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का भी औचक निरीक्षण किया। विद्यालय में साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर मिली। परिसर में टाइल्स लगाने का कार्य चल रहा था। छात्राओं को निर्धारित समय पर नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराया जा रहा था। बीएसए ने छात्राओं से स्वास्थ्य संबंधी प्रश्न पूछकर उनकी जानकारी परखी, जिस पर छात्राओं ने संतोषजनक उत्तर दिए।
निरीक्षण के दौरान बीएसए समीर ने विद्यालयों में नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, स्वच्छता और छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण तैयार करना विभाग की प्राथमिकता है।
