रामपुर: 23 मई (ए)
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार ने अभियोजन पक्ष की उस अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया, जिसमें सजा बढ़ाने की मांग की गई थी।
इससे पहले, एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट अदालत के शोभित बंसल ने दोनों को सात-सात साल के कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा सिंह राणा ने शनिवार को बताया कि अदालत ने आजम खान पर विभिन्न धाराओं में दी गई सजा बढ़ाते हुए जुर्माना बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया है।
उन्होंने बताया कि अब्दुल्ला आजम खान की सात वर्ष की सजा यथावत रखी गई है, लेकिन उन पर लगाया गया जुर्माना बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये कर दिया गया है।
राणा के अनुसार, यह मामला फर्जी पैन कार्ड तैयार करने और उनके उपयोग से संबंधित है, जिसमें दोनों को पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि दोषसिद्धि के खिलाफ आरोपियों की अपील पहले ही 20 अप्रैल को सत्र न्यायालय द्वारा खारिज कर दी गई थी। इसके बाद अभियोजन पक्ष ने सजा बढ़ाने की मांग की, जिसके बाद शनिवार को यह फैसला सुनाया गया।
उधर, रामपुर से भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने इस आदेश को “ऐतिहासिक” बताया।
सक्सेना ने दावा किया कि यह भारत में पहली ऐसी घटना है जिसमें सजा बढ़ाई गई है।