नयी दिल्ली: 25 सितंबर (ए) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को विपक्षी दलों से अपील की कि यदि उन्हें लगता है कि चुनावी प्रक्रिया में धांधली हो रही है, तो उन्हें ऐसे चुनावों में भाग लेना बंद कर देना चाहिए।
दीपके ने कहा कि उनका चुनावों में लगातार भाग लेना ऐसे चुनावों को वैधता देता है और उनके स्वतंत्र एवं निष्पक्ष होने का ‘भ्रम’ बनाए रखता है। उन्होंने कहा कि संभव है विपक्ष इसलिए चुनाव लड़ता रहे क्योंकि उसे डर है कि अगर वह चुनावों में हिस्सा नहीं लेगा तो उसका राजनीतिक अस्तित्व खत्म हो सकता है।दीपके ने अपने पोस्ट में कहा कि जब वोट चोरी होने, विधायकों और सांसदों को तोड़े जाने तथा राजनीतिक दलों के विभाजित होने की बात कही जा रही है, तो ऐसे में केवल राजनीतिक अस्तित्व बचाने की कोशिश का सवाल उठता है।
उन्होंने विपक्ष से सवाल करते हुए कहा कि वह ऐसे सिस्टम का हिस्सा बने रहकर कब तक टिक सकता है, जो उनके मुताबिक राजनीतिक दलों को कमजोर कर सकता है।दीपके ने विपक्षी दलों से कहा कि अगर उन्हें लगता है कि चुनावों में धांधली हो रही है और इसके बावजूद वे चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेते हैं, तो उनकी भागीदारी उन चुनावों को वैधता देने में मदद करती है।
उन्होंने विपक्ष से राजनीतिक अस्तित्व के बजाय देश और लोकतंत्र के बारे में सोचने तथा कथित धांधली वाले चुनावों में हिस्सा नहीं लेने को कहा। अभिजीत दीपके ने चुनावी प्रक्रिया की तुलना फिक्स्ड मैच से करते हुए कहा कि जैसे किसी फिक्स्ड मैच में हर कैच नहीं छोड़ा जाता, बल्कि कुछ कैच लिए जाते हैं और मुकाबले को आखिरी ओवर तक पहुंचाया जाता है, ताकि वह करीबी और वास्तविक मुकाबला नजर आए।
इसी उदाहरण के जरिए उन्होंने दावा किया कि चुनावों में भी कुछ जगह विपक्षी दलों की जीत होती है, जिससे लोगों को यह भरोसा दिलाया जा सके कि मुकाबला वास्तविक था।
दीपके के ये बयान चुनावी प्रक्रिया को लेकर उनके राजनीतिक आरोपों और विपक्ष के लिए उनकी अपील पर आधारित हैं। उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है। कॉकरोच जनता पार्टी और अभिजीत दीपके हाल के महीनों में चुनावी पारदर्शिता और राजनीतिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं।
