लखनऊ: 17 जुलाई (ए)
पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है और बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए है.पुलिस के अनुसार, इससे पहले एक जुलाई को अपराध शाखा ने राजधानी के गोमतीनगर इलाके स्थित समिट बिल्डिंग से संचालित एक अन्य फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया था। साइबर अपराधियों के खिलाफ की गई बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने उस समय 119 लोगों को गिरफ्तार किया था।
पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) अनिल यादव ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि नया अवैध कॉल सेंटर गोमतीनगर विस्तार स्थित ओमेक्स आर-2 आवासीय परिसर के एक अपार्टमेंट से संचालित किया जा रहा था।
उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई लखनऊ पुलिस की अपराध शाखा ने राज्यव्यापी एंटी-साइबर क्राइम अभियान ‘ऑपरेशन साय-वज्र’ के तहत की।
यादव और अपर पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) किरण यादव ने बताया, ‘‘आरोपी विदेशी नागरिकों, विशेषकर अमेरिका के नागरिकों को निशाना बनाने के लिए इंटरनेट आधारित कॉलिंग प्लेटफॉर्म और अन्य तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल कर एक संगठित अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह चला रहे थे।’’
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सात आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।उन्होंने बताया कि गिरोह के सदस्य कथित रूप से पीड़ितों से संपर्क करने के लिए वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) कॉलिंग प्रणाली, विशेष कॉलिंग सॉफ्टवेयर, लैपटॉप, आईफोन और हाई-स्पीड इंटरनेट जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करते थे।