
पुलिस ने बताया कि यशवंत, दर्शन, भरत और विशाकांतमूर्ति नामक आरोपियों को अपराध होने के महज तीन घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि यशवंत, दर्शन, भरत और विशाकांतमूर्ति नामक आरोपियों को अपराध होने के महज तीन घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, यह घटना 11 मई को गौरीबिदानूर के विनायकनगर इलाके में हुई।
पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के साथ ही दावा किया कि लूटी गई पूरी राशि बरामद कर ली गई है।
पुलिस के अनुसार, एक भोजनालय के संचालक शिवशंकर आराध्या ने अपने परिवार के गहने बेचकर 14 लाख रुपये जुटाए थे ताकि वाहन खरीदकर उन्हें किराए पर देने का एक नया व्यवसाय शुरू कर सकें। जब वह वाहन खरीदने के लिए कुछ पैसे लेकर घर से निकल रहे थे, तभी दो अज्ञात लोग मोटरसाइकिल पर उनके घर के पास आए, उनकी आंखों में पिसी मिर्ची डाल दी, उन्हें धारदार हथियार से धमकाया और 7.5 लाख रुपये से भरा बैग छीनकर भाग गए।
पुलिस ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के बाद गौरीबिदानूर टाउन थाने में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने यशवंत को हिरासत में लिया। उसने ही पीड़ित को यात्रा व्यवसाय के मकसद से कारें खरीदने के लिए कथित तौर पर राजी किया था।
अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान उसने अपने साथियों के साथ मिलकर डकैती की साजिश रचने की बात कबूल की।
उन्होंने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए अपराध में शामिल उसके तीन साथियों का पता लगाया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि उनकी गिरफ्तारी के साथ ही लूटी गई 7.5 लाख रुपये की राशि, एक कार और अपराध में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल के साथ-साथ एक धारदार हथियार भी बरामद किया गया।