दुबई: 13 मई (एपी) कुवैत ने ईरान पर इस महीने की शुरुआत में उस द्वीप पर हमला करने का आरोप लगाया है, जहां चीन एक बंदरगाह निर्माण परियोजना में सहयोग कर रहा है। हालांकि यह हमला विफल कर दिया गया।
यह आरोप ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन रवाना होने वाले हैं, जहां उनकी चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से युद्ध और अन्य मुद्दों पर महत्वपूर्ण वार्ता होनी है।
ट्रंप ने कहा कि वह शी चिनफिंग के साथ ईरान पर ‘‘लंबी बातचीत’’ करेंगे, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापार उनका बड़ा मुद्दा रहेगा। चीन रवाना होने से पहले ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को चेतावनी दी कि यदि उसके नेता परमाणु कार्यक्रम पर समझौता नहीं करते, तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
ट्रंप ने कहा, ‘‘ईरान पूरी तरह हमारे नियंत्रण में है। या तो समझौता होगा या फिर वे पूरी तरह तबाह कर दिए जाएंगे। किसी भी स्थिति में जीत हमारी होगी।’’
ईरान ने कुवैत के आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। कुवैत पहले भी युद्ध और संघर्षविराम के दौरान ईरानी हमलों का सामना कर चुका है। लेकिन यह नया आरोप और क्षेत्र में जारी हमले फिर से युद्ध का खतरा बढ़ा रहे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य अब भी ईरान के मजबूत नियंत्रण में है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नाकेबंदी बनाए रखी है और दोनों देशों के बीच वार्ता ठप पड़ती दिख रही है।
ईरानी राजनयिक काजिम गरीबाबादी ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘अपमान, धमकियों और जोर-जबरदस्ती वाली
