मथुरा समेत राज्यभर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया

उत्तर प्रदेश मथुरा
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मथुरा/लखनऊ/गोरखपुर (उप्र): पांच सितंबर (ए) भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा समेत प्रदेश में उनका जन्मोत्सव धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया गया।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा समिति के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि शुक्रवार आधी रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिर परिसर ढोल-नगाड़ों, करताल, मृदंग और ‘हरिबोल’ के जयघोष से गूंज उठा। भगवान के जन्म का उत्सव मनाते हुए श्रद्धालु नृत्य करने लगे।

उन्होंने बताया कि रात 12 बजकर 10 मिनट तक महाआरती हुई।

केसर और अन्य सुगंधित पदार्थों से अभिषिक्त श्रीकृष्ण की चल प्रतिमा को चांदी के सूप में विराजमान कर अभिषेक स्थल पर लाया गया।

उन्होंने बताया कि ठाकुर जी का पहला अभिषेक कामधेनु गाय के थन से किया गया। यह गाय चांदी से निर्मित है, जिस पर सोने की परत तथा 33 कोटि देवताओं के चित्र अंकित हैं।

शर्मा ने बताया कि इसके बाद चांदी के कमल पर विराजमान ठाकुर जी का दूध, दही, शहद, घी और बूरा से महाभिषेक किया गया।

उन्होंने बताया कि श्री राम जन्मभूमि और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से आए उपहार एवं प्रसाद भी भगवान को अर्पित किए गए।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा समिति के सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि ठाकुर जी ने पंचरत्नी पोशाक धारण की जिस पर समुद्र मंथन से निकले पांच रत्नों—कामधेनु गाय, पंचजन्य शंख, अमृत कलश, ऐरावत हाथी और कल्पवृक्ष की कढ़ाई की गई है।

ठाकुर जी रत्नजड़ित मुकुट, बांसुरी और नवरत्न हार भी धारण किए हुए थे।

इससे पहले श्रीगणेश और नवग्रहों की पूजा की गई। मंदिर प्रशासन ने जन्मोत्सव के लिए महाकाल की नगरी उज्जैन से पखावज और मृदंग वादकों को भी आमंत्रित किया था।

चतुर्वेदी ने बताया कि रात 12 बजकर 45 मिनट पर शृंगार आरती की गई।

राज्य की राजधानी लखनऊ के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं ने उत्साह और श्रद्धा के साथ जन्माष्टमी मनाई।

वहीं, गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर में जन्माष्टमी के मौके पर शुक्रवार रात मुख्यमंत्री योगी ने मंदिर के गर्भगृह में पारंपरिक कृष्ण जन्मोत्सव अनुष्ठान किया। जैसे ही मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और उत्सव के जयघोष की गूंज होने लगी, उन्होंने लड्डू गोपाल की प्रतिमा को गर्भगृह से बाहर लाकर फूलों से सजे पालने में विराजमान किया। इसके बाद उन्होंने विधिवत आरती की और बाल कृष्ण को पालने में झुलाया।

अनुष्ठान के समापन के बाद श्रद्धालुओं को फल और प्रसाद वितरित किया गया।

समारोह में बच्चों के लिए कृष्ण-राधा रूप सज्जा प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। योगी आदित्यनाथ ने प्रतिभागी बच्चों से बातचीत की और उन्हें उपहार, चॉकलेट तथा प्रमाणपत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने कृष्ण और राधा के रूप में सजे बच्चों के साथ समय भी बिताया।

महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में आयोजित भजन संध्या ने उत्सव के माहौल को और भक्तिमय बना दिया जिसमें स्थानीय गायकों ने भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित भक्ति गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में कई संत, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु शामिल हुए।