बहराइच: 19 जुलाई (ए) सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में मार्च निकालने के आरोप में उत्तर प्रदेश के एक सरकारी अस्पताल में तैनात रेजिडेंट चिकित्सक को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
बहराइच जिले में महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय खत्री ने ‘
उन्होंने बताया कि समिति को सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खत्री ने बताया कि महाराष्ट्र के रहने वाले डॉ. इखे ने एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की है और वह सरकारी मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसियोलॉजी विभाग में डिप्लोमा कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, डॉ. इखे ने शुक्रवार शाम शहर में अकेले पैदल मार्च निकाला था। इस दौरान वह हाथ में तख्ती लिए हुए थे और ऐसी टी-शर्ट पहने थे, जिस पर वांगचुक के समर्थन में संदेश लिखे थे।
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में उन्हें तख्ती लेकर अकेले जिलाधिकारी आवास की ओर जाते हुए देखा गया।
मार्च के दौरान डॉ. इखे ने संवाददाताओं से कहा था कि यह उनका व्यक्तिगत प्रयास है। उन्होंने न तो किसी को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है और न ही वह किसी राजनीतिक दल या संगठन से जुड़े हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि व्यवस्था भ्रष्ट हो गई है और हर स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीनीट अभ्यर्थियों को होने वाली परेशानियों को लेकर भी चिंता जताई थी।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कहा कि मामले की जांच सेवा नियमों के अनुसार की जा रही है और जांच समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।