नयी दिल्ली: 23 जुलाई (ए)
विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता सीबीआई की उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें आरोपी मनीषा संजय हवलदार के हस्तलेखन के और नमूने लेने का अनुरोध किया गया है।अभियोजक ने अदालत को बताया कि हवलदार ने भौतिकी के हस्तलिखित प्रश्न सह-आरोपी मनीषा मंधारे के साथ साझा किए थे। उन्होंने एक अन्य आरोपी तेजस हर्षद कुमार शाह को भी भौतिकी के प्रश्न लिखवाए थे। जांच के दौरान मंधारे के फोन से भौतिकी के प्रश्नों से संबंधित हस्तलिखित नोट की तस्वीरें बरामद की गईं।
उन्होंने कहा कि अदालत ने 30 मई को ही सीबीआई को आरोपी की हस्तलिपि का नमूना लेने की अनुमति दे दी थी।
अभियोजक ने कहा कि क्योंकि इस मामले का रिकॉर्ड काफी विस्तृत है, इसलिए प्रत्येक दस्तावेज की निष्पक्ष तरीके से जांच के लिए आरोपी की हस्तलिपि या हस्ताक्षर के नमूने की आवश्यकता है।
अदालत ने बुधवार को पारित एक आदेश में कहा, ‘‘सीबीआई को आरोपी मनीषा संजय हवलदार की नमूना हस्तलिपि/हस्ताक्षर संबंधित जेल में लेने की अनुमति दी जाती है।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘जेल अधीक्षक को निर्देश दिया जाता है कि सीबीआई अधिकारियों द्वारा आरोपी की नमूना हस्तलिपि/हस्ताक्षर लेने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाये। यह प्रक्रिया तीन दिनों (27 से 29 जुलाई, कार्यालय समय के दौरान) तक गवाह की मौजूदगी में पूरी की जाएगी।’’
इस मामले में जांच एजेंसी ने 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और ये सभी न्यायिक हिरासत में हैं।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 12 मई को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के कारण मेडिकल प्रवेश के लिए तीन मई को आयोजित नीट परीक्षा को रद्द कर दिया था।
इसके बाद 21 जून को परीक्षा फिर से आयोजित की गई थी।